Monday, June 27, 2011

सवाई माधोपुर में वन्य जीव पर्यटन से जुड़े हस्तशिल्प एवं हथकरघा बाज़ार

सवाई माधोपुर में वन्य जीव पर्यटन से जुड़े हस्तशिल्प एवं हथकरघा बाज़ार

सवाई माधोपुर में वन्य जीव पर्यटन से जुड़ा हस्तशिल्प एवं हथकरघा बाज़ार बेहद चमकीला है और दुकानें रंगबिरंगी वस्तुओं ,जिनमें हस्तकला की वस्तुओं ,ब्लू पोटरी,
बहुमूल्य पत्थरों मीनाकारी की वस्तुओं गहनों व राजस्थानी संगमरमर की मूर्तियों ,मिट्टी के बर्तन और जूतियों चित्रकला आदि से भरी हैं । हाथ छपाई के वस्त्र जिन्होंने भारत के पर्यटन नक्शे में स्वयं कि अलग पहचान प्राप्त की है ।

हथकरघा एवं हस्तशिल्प उद्योग को बढावा देने के क्रम में कुछ उपयोगी बातें :-

हथकरघा व हस्तशिल्प उद्योग के लिए कच्चा माल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध चाहिए

हथकरघा व हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिये रण थम्भोर रोड पर निर्माणाधीन शिल्पग्राम इस वर्ष ही प्रारंभ होना चाहिए

हथकरघा व हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिये गाइडों एवं केंटर वाहन चालकों तथा होटल प्रबंधन द्वारा छब्बी या कमीशन पर रोक लगाना चाहिए

हथकरघा व हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिये पर्यटकों पर विशेष दुकानों पर ही उत्पाद खरीदने के लिये बंदिश नहीं होकर उन्हें बाज़ार में स्वयं शोपिंग कि छूट होनी चाहिए

हथकरघा व हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिये राजस्थान पर्यटन निगम कि वेब साईट पर विशेष स्थान होना चाहिए

हथकरघा व हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के हस्तशिल्प और हथकरघा विकास बोर्ड का गठन करना चाहिए

हस्तशिल्प एवं हाथकरघा क्षेत्र में कार्यरत एनजीओ, निर्माताओं एवं कारीगरों, संघों, को पुरस्कृत करना चाहिए

brij ballabh udaiwal
9314505805

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